मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर संचालित ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण–जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान ने जनपद पौड़ी गढ़वाल में शासन और आमजन के बीच संवाद एवं सेवा वितरण का सशक्त माध्यम बनकर उल्लेखनीय परिणाम दिए हैं। 4 जुलाई से 19 जुलाई तक आयोजित 16 बहुउद्देशीय जनसेवा शिविरों में 7,025 लोगों ने प्रतिभाग कर विभिन्न विभागों की योजनाओं, सेवाओं एवं सुविधाओं का लाभ उठाया। इस दौरान 3,049 आवेदन एवं शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2,924 का मौके पर ही निस्तारण कर लोगों को त्वरित राहत प्रदान की गयी।
अभियान की शुरुआत 4 जुलाई को पौड़ी प्रेक्षागृह से हुई, जहां 951 लोगों ने प्रतिभाग किया और प्राप्त सभी 122 आवेदनों का तत्काल निस्तारण किया गया। इसके बाद विकासखंड पौड़ी, दुगड्डा, थलीसैंण एवं पोखड़ा में प्राप्त सभी आवेदनों का शत-प्रतिशत समाधान किया गया। वहीं कोट, यमकेश्वर, जयहरीखाल, खिर्सू, कल्जीखाल, पाबौ, बीरोंखाल, रिखणीखाल, नैनीडांडा, एकेश्वर एवं द्वारीखाल में भी अधिकांश शिकायतों एवं आवेदनों का शिविर स्थल पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया गया।
शिविरों में केवल शिकायतों का समाधान ही नहीं किया गया, बल्कि पात्र लाभार्थियों का विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में पंजीकरण कर उन्हें मौके पर ही लाभान्वित भी किया गया। विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए पात्रता के अनुसार लाभ उपलब्ध कराया, जिससे लोगों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिली।
अभियान के दौरान विभिन्न विकासखंडों में जनप्रतिनिधियों एवं राज्यमंत्रियों ने भी जनसेवा शिविरों में पहुंचकर आमजन से सीधा संवाद किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि जनसेवा शिविरों का उद्देश्य शासन की सेवाओं को लोगों के घर-द्वार तक पहुंचाना तथा समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों का तत्काल निस्तारण संभव नहीं हो पाया है, उनका भी निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान कराया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि प्रत्येक लंबित प्रकरण की नियमित समीक्षा करते हुए उसका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव-गांव जाकर पात्र लोगों की पहचान कर उनके आवेदन भरवाए जाएं तथा पात्रता के अनुसार उन्हें मौके पर ही योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन के निस्तारण की स्थिति से समय-समय पर अवगत कराया जाए।




