विकास भवन में अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण, डेटा आधारित योजना निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

 

जनपद में विकास योजनाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में नीति आयोग द्वारा विकसित ‘नीति तारा’ डिजिटल टूलकिट पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी की अध्यक्षता में आयोजित प्रशिक्षण में जिला स्तरीय अधिकारियों तथा विभिन्न विकासखंडों के विभागीय अधिकारियों को टूलकिट के संचालन, डेटा प्रबंधन एवं विकास योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी संबंधी विस्तृत जानकारी दी गयी।

 

मुख्य विकास अधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान ‘नीति तारा’ के विभिन्न मॉड्यूल एवं व्यवहारिक उपयोग की जानकारी लेते हुए कहा कि यह डिजिटल टूलकिट विकास योजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि टूलकिट का नियमित एवं गंभीरता से उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि आकांक्षी विकासखंडों सहित जनपद में संचालित योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो और निर्धारित विकास लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से प्राप्त किया जा सके।

 

उन्होंने कहा कि जनपद में प्रारंभ होने वाली प्रत्येक नयी विकास योजना का विवरण संबंधित विभागों द्वारा ‘नीति तारा’ प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया जाएगा। इससे योजनाओं की जानकारी तत्काल शासन स्तर तक पहुंचेगी तथा उनकी प्रगति का ऑनलाइन और नियमित अनुश्रवण संभव होगा। उन्होंने कहा कि जनपद के विकास से संबंधित सभी महत्वपूर्ण आंकड़े एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहने से शासन स्तर पर समीक्षा, निगरानी एवं निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सटीक होगी। साथ ही विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी।

 

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर प्रशिक्षक मिलंद चौहान ने ‘नीति तारा’ डिजिटल टूलकिट की कार्यप्रणाली, विभिन्न मॉड्यूल, प्रमुख विशेषताओं तथा विकास संकेतकों की निगरानी में इसकी उपयोगिता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह टूलकिट आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत विभागीय समन्वय को मजबूत करने, डेटा आधारित योजना निर्माण को बढ़ावा देने तथा विकास कार्यों की प्रभावी समीक्षा के उद्देश्य से विकसित की गयी है।

 

मास्टर प्रशिक्षक सौरभ वर्मा ने कहा कि ‘नीति तारा’ केवल आंकड़ों के संकलन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह निर्णय प्रक्रिया को अधिक सटीक, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने वाला सशक्त डिजिटल मंच है। उन्होंने कहा कि यदि सभी विभाग नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण एवं अद्यतन डेटा उपलब्ध कराएंगे तो योजनाओं की वास्तविक प्रगति का सही आकलन करते हुए बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकेंगे।

 

प्रशिक्षण कार्यक्रम में परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी रमेश चंद्र, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, लीड बैंक अधिकारी किशन रावत, खंड विकास अधिकारी बी डी रतूड़ी, अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

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