इंटरएक्टिव प्रदर्शनी, आधुनिक उपकरणों, आकर्षक प्रस्तुतीकरण और परिसर विकास पर विशेष जोर, बच्चों को मिलेगा अनूठा एवं अनुभवात्मक सीखने का अवसर

 

 

जनपद में विज्ञान शिक्षा को बढ़ावा देने तथा बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से निर्माणाधीन जिला विज्ञान संग्रहालय का कार्य तेजी से अंतिम चरण में पहुंच रहा है। सोमवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जनपद मुख्यालय स्थित निर्माणाधीन विज्ञान संग्रहालय का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायज़ा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नवंबर 2025 से प्रारंभ इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शीघ्र पूर्ण कर विद्यार्थियों और आमजन के लिए खोलने की तैयारी की जा रही है।

 

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संग्रहालय में स्थापित किए जा रहे वैज्ञानिक उपकरणों, प्रदर्शनी मॉडलों तथा अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि संग्रहालय की थीम को और अधिक प्रभावी एवं आकर्षक बनाया जाए, ताकि यहां आने वाले बच्चों को विज्ञान को समझने और अनुभव करने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी प्रदर्शनी सामग्री, साइनेज और सूचना पैनल स्पष्ट, सरल एवं आकर्षक हों, जिससे आगंतुकों को प्रत्येक मॉडल और वैज्ञानिक अवधारणा को समझने में आसानी हो। उन्होंने महान वैज्ञानिकों के जीवन और योगदान से जुड़े प्रेरक पैनल भी स्थापित करने पर भी बल दिया।

 

जिलाधिकारी ने संग्रहालय में स्थापित किए जा रहे उपकरणों का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि उन्हें अधिक सुगम, सुरक्षित और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि उपकरणों का संचालन बच्चों के लिए सहज होना चाहिए, इसलिए जहां आवश्यक हो वहां उनका वजन कम करने तथा उनकी कार्यप्रणाली को और अधिक सुचारु बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के विज्ञान संग्रहालयों की तर्ज पर उपकरणों के रखरखाव और संचालन की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने संग्रहालय में प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती के निर्देश दिए, जो बच्चों और अन्य आगंतुकों को विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों और उपकरणों के उपयोग की जानकारी प्रदान कर सकें।

 

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला विज्ञान संग्रहालय को केवल प्रदर्शनी स्थल के रूप में नहीं, बल्कि एक आधुनिक, नवाचार आधारित विज्ञान शिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। संग्रहालय में सभी प्रदर्शनियों को संवादात्मक (इंटरएक्टिव) स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे बच्चे प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान को रोचक एवं व्यावहारिक तरीके से समझ सकें। उन्होंने भवन को “बाला (बिल्डिंग एज लर्निंग ऐड)” की अवधारणा के अनुरूप विकसित करने पर भी बल दिया, ताकि भवन का प्रत्येक हिस्सा स्वयं सीखने का माध्यम बन सके और बच्चों में जिज्ञासा तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास हो।

 

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संग्रहालय तक जाने वाली सीढ़ियों पर विज्ञान और शिक्षा से जुड़े प्रेरक एवं जागरुकता संदेशों वाले रंगीन स्लोगन अंकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा संपूर्ण परिसर को आकर्षक स्वरूप प्रदान करने पर भी जोर दिया। साथ ही संग्रहालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए।

 

परिसर की सौंदर्यवृद्धि को लेकर जिलाधिकारी ने जिला उद्यान अधिकारी को संग्रहालय के आसपास उपलब्ध ऊर्ध्वाधर स्थान को वर्टिकल गार्डन के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल परिसर की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का भी संदेश देगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह विज्ञान संग्रहालय जनपद के बच्चों और युवाओं के लिए ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा। यहां विकसित की जा रही वैज्ञानिक प्रदर्शनियां विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर विज्ञान को प्रत्यक्ष रूप से समझने और अनुभव करने का अवसर प्रदान करेंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयावधि में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि संग्रहालय शीघ्र जनता के लिए समर्पित किया जा सके।

 

इस अवसर पर मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, डीएसटीओ राम सलोने, अधिशासी अभियंता आरडब्ल्यूडी विनोद कुमार जोशी, सहायक अभियंता विजय सुयाल, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका संजय कुमार, शिक्षक मनीष रावत, शालिनी रावत, प्रयोगशाला सहायक अनुराग रावत सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

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