सेवा संकल्प अभियान के तहत नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर जनपद के गंगाभोगपुर आंगनबाड़ी केंद्र में आंगन का मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, किशोरियों तथा बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही स्थानीय पौष्टिक खाद्यान्नों के उपयोग और सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र थपलियाल द्वारा किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र थपलियाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के साथ ही लोगों को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने राष्ट्रीय पोषण माह के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित एवं पौष्टिक आहार आवश्यक है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्यान्नों को दैनिक भोजन में शामिल करने तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित पोषण संबंधी गतिविधियों का लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सेवा, जागरूकता और जनभागीदारी के माध्यम से पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। आंगनबाड़ी केंद्र इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी, यमकेश्वर अंजू डबराल ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए नंदा गौरा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के उद्देश्य, पात्रता एवं लाभ के संबंध में विस्तार से बताया। उन्होंने महिलाओं एवं किशोरियों से योजनाओं का लाभ उठाने के साथ ही पोषण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान 02 महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा 11 किशोरियों को टीएचआर वितरित किया गया। इसके साथ ही 02 बच्चों का अन्नप्राशन एवं 01 गर्भवती महिला की गोदभराई की रस्म भी संपन्न कराई गई।
कार्यक्रम में शीशपाल रावत एवं अंजू डबराल द्वारा मंच व्यवस्था की गई, जबकि नागेन्द्र भट्ट ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर आनन्दी, वीणा, निकिता, सुमन देवी, राजेश्वरी देवी सहित संबंधित महिलाएं, किशोरियां एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।




