जनपद में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा तथा बाल कल्याण एवं संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित एनआईसी कक्ष में जिला बाल कल्याण समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वात्सल्य योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, संप्रेक्षण गृह तथा पॉक्सो पीड़ित बालिकाओं को प्रदान की जाने वाली आर्थिक सहायता योजना का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने बाल संरक्षण से जुड़े सभी विभागों को संकटग्रस्त, निराश्रित एवं जरूरतमंद बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
मुख्य विकास अधिकारी ने बाल देखरेख संस्था, कोटद्वार में रह रहे बच्चों के लिए कौशल विकास एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बाल श्रम की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए जनपद में संभावित बाल श्रम हॉटस्पॉट स्थलों का चिन्हीकरण कर नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
प्रभारी जिला परिवीक्षा अधिकारी प्रवीन कुमार ने समिति के समक्ष विभागीय योजनाओं एवं बाल संरक्षण से संबंधित कार्यों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जून माह तक जिला बाल कल्याण समिति के समक्ष प्राप्त 41 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। वहीं चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 पर प्राप्त सभी 39 मामलों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया है। इसके अतिरिक्त किशोर न्याय बोर्ड में दर्ज 5 मामलों में से 3 मामलों का निस्तारण भी किया जा चुका है।
बैठक में जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राकेश चंद्र बिडालिया, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, एसीएमओ डॉ. अमित मेहरा, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य उपस्थित रहे।




