बाल अधिकारों, शिक्षा एवं निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की दी गयी जानकारी, विधिक सेवा केंद्र का उद्घाटन

 

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर विकासखंड पौड़ी के ग्राम कालेश्वर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक जागरुकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य बाल श्रम उन्मूलन, बच्चों के शिक्षा के अधिकार तथा उनके संरक्षण से संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा।

 

कार्यक्रम में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नाज़िश कलीम ने उपस्थित ग्रामीणों, अभिभावकों एवं बच्चों को बाल श्रम के दुष्परिणामों तथा बच्चों को सुरक्षित एवं शिक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मानजनक जीवन का अधिकार प्राप्त है तथा बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं के उन्मूलन के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है।

 

इस अवसर पर नालसा विधिक सेवा केंद्र योजना-2010 के अंतर्गत ग्राम कालेश्वर में विधिक सेवा केंद्र का विधिवत उद्घाटन भी किया गया। सचिव ने ग्रामीणों को विधिक सेवा केंद्रों की उपयोगिता, उनकी कार्यप्रणाली तथा पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध करायी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के संबंध में भी जागरूक किया गया।

 

शिविर में आगामी 21 से 23 अगस्त 2026 तक माननीय उच्चतम न्यायालय में आयोजित होने वाले “समाधान समारोह (विशेष लोक अदालत)–2026” के संबंध में भी व्यापक जानकारी दी गयी। लोगों से अपील की गयी कि वे लंबित वादों एवं विवादों का आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराने के लिए इस महत्वपूर्ण अवसर का लाभ उठाएं।

 

कार्यक्रम में असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल विनोद कुमार, ग्राम प्रधान रेनू देवी, मातवर सिंह, अधिकार मित्र वंदना बड़ोनी सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

 

 

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