श्रीनगर स्थित मेडिकल कॉलेज में देश के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के आगमन पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत तथा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना के साथ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में एमबीबीएस एवं पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
अपने संबोधन में सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक जागरूक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नागरिक खतरों की पहचान कर उन्हें संबंधित तंत्र तक पहुंचाते हैं, राष्ट्रीय चेतना को सुदृढ़ करते हैं तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने मेडिकल छात्रों को समाज का स्वास्थ्य रक्षक बताते हुए कहा कि आपदा, महामारी एवं आपात परिस्थितियों में उनकी भूमिका सीधे राष्ट्रसेवा से जुड़ी होती है। इस प्रकार वे भी राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राष्ट्रीय सुरक्षा का स्वरूप अत्यंत जटिल हो गया है तथा खतरे पारंपरिक सैन्य सीमाओं से आगे बढ़कर साइबर, आर्थिक, तकनीकी एवं जैविक क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुके हैं। तेज तकनीकी प्रगति के इस दौर में संपूर्ण राष्ट्र दृष्टिकोण के तहत प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
सीडीएस ने राष्ट्र-राज्य की अवधारणा को भूमि, जनसमूह, विचारधारा एवं संस्थाओं पर आधारित बताते हुए कहा कि वैश्वीकरण एवं तकनीकी परिवर्तन के कारण सुरक्षा की पारंपरिक धारणाओं में बदलाव आया है। उन्होंने वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन के प्राकृतिक चयन सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि जो परिवर्तन के अनुरूप स्वयं को ढालता है, वही आगे बढ़ता है।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्रवाई प्रतिशोध की भावना से नहीं, बल्कि आतंकी ढांचों को लक्षित कर नई सामान्य स्थिति स्थापित करने की दिशा में उठाया गया एक ठोस कदम था। उन्होंने कहा कि जागरूक और सशक्त नागरिक ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं तथा चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।
प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने मेडिकल कॉलेज में आगमन पर सीडीएस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से छात्र-छात्राओं को नई प्रेरणा प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस के अनेक छात्र सेना में सेवाएं देने के इच्छुक रहते हैं, ऐसे में सीडीएस का संवाद उनके लिए विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने सीडीएस का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी गरिमामयी उपस्थिति से संस्थान गौरवान्वित है और छात्रों को राष्ट्र सेवा की दिशा में प्रेरणा मिली है।
कार्यक्रम के उपरांत सीडीएस ने छात्र-छात्राओं के साथ संवाद किया तथा फोटोग्राफ भी लिए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी अनुपमा चौहान का भी स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपा हटवाल द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित एमबीबीएस छात्राओं इशिता, शिखा एवं शीतल ने कहा कि सीडीएस का संबोधन अत्यंत प्रेरणादायी रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और चिकित्सा सेवा के मध्य संबंध को जिस स्पष्टता से प्रस्तुत किया गया, उससे उन्हें अपने दायित्व का गहन बोध हुआ तथा राष्ट्र सेवा के प्रति उनका संकल्प और सुदृढ़ हुआ।
कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज की समस्त फैकल्टी, अधिकारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




