जनपद की रैंकिंग सुधारने को लेकर सीडीओ सख्त, लापरवाही बर्दाश्त नहीं

 

 

मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित वीसी कक्ष में पच्चीस सूत्री कार्यक्रम की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे अपना वार्षिक कैलेंडर तैयार कर जिला अर्थ एवं संख्या विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि आगामी वित्तीय वर्ष की योजनाओं का क्रियान्वयन सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध ढंग से किया जा सके।

 

उन्होंने कहा कि पच्चीस सूत्री कार्यक्रम के अंतर्गत रैंकिंग एवं नॉन-रैंकिंग दो प्रकार की व्यवस्था लागू है। रैंकिंग श्रेणी में शामिल योजनाओं का मूल्यांकन मासिक आधार पर किया जाता है, जबकि नॉन-रैंकिंग योजनाओं का आकलन वार्षिक आधार पर किया जाता है। सभी विभाग रैंकिंग वाली योजनाओं की प्रगति की मासिक रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।

 

मुख्य विकास अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को भेजी जाने वाली सूचनाएँ पूर्णतः त्रुटिरहित, तथ्यपरक एवं अद्यतन हों, जिससे राज्य स्तर पर जनपद की सही प्रगति परिलक्षित हो सके।

 

उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में पच्चीस सूत्री कार्यक्रम राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की प्रगति की निगरानी का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके अंतर्गत गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पेयजल, कृषि उन्नयन तथा आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाती है, जिससे विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके और जनपदों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी बनी रहे।

 

बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, ग्राम पंचायतराज अधिकारी जितेन्द्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भण्डारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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