जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में आयोजित की गयी। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने, नशे की रोकथाम, नशा मुक्ति केंद्रों की निगरानी तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित गतिविधियों की समीक्षा की गयी।
अपर जिलाधिकारी ने एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत आने वाली औषधियों की बिक्री करने वाले मेडिकल स्टोरों की नियमित एवं सघन जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान पुलिस विभाग को भी अनिवार्य रूप से सूचित किया जाए। साथ ही बिना चिकित्सकीय पर्चे के प्रतिबंधित औषधियों की बिक्री पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्हें पुलिस मानस पोर्टल के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।
बैठक में औषधि निरीक्षक ने बताया कि जून-जुलाई माह में 33 तथा अगस्त में 17 औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 20 औषधियों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, देहरादून भेजे गए। इस दौरान एनडीपीएस औषधियों के स्टॉक, क्रय-विक्रय अभिलेख, चिकित्सकीय पर्चे सहित अन्य व्यवस्थाओं की भी जांच की गई।
समाज कल्याण विभाग ने बताया कि जनपद में संचालित चार निजी नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित निगरानी की जा रही है। कोटद्वार में प्रस्तावित सरकारी नशा मुक्ति केंद्र के लिए चिह्नित भूमि का भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, क्रीड़ा एवं पुलिस विभाग के सहयोग से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके तहत 14 अगस्त को डॉ. सेंट थॉमस कॉन्वेंट स्कूल, पौड़ी में 62 छात्र-छात्राओं का ड्रग डिटेक्शन टेस्ट किया गया। इसके साथ ही अब तक किए गए परीक्षणों की संख्या 338 हो गयी है।
पुलिस विभाग ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 20 प्रकरण दर्ज करते हुए 8.949 किलोग्राम चरस और 194.82 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। इसके अलावा शिक्षण संस्थानों के 200 मीटर के दायरे में भी निगरानी रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना असवाल, सीओ तपेश कुमार चंद, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, एसीएमओ आशीष गुसाईं, ड्रग इंस्पेक्टर सीमा बिष्ट, पीपीओ कृषि अरविन्द भट्ट, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी शिक्षा आरपी जुयाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




