मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकासखंड पौड़ी, कोट, खिर्सू, पाबौ एवं कल्जीखाल में जनकल्याणकारी शिविरों एवं योजनाओं की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रतिभाग कर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की तथा अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनकल्याणकारी शिविरों का आयोजन 19 एवं 20 जून को भी जनपद के अन्य विकासखंडों में किया जाएगा।
शिविरों में उद्यान, कृषि, स्वास्थ्य, पशुपालन, राजस्व, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायतीराज, ग्राम्य विकास, ग्रामोत्थान तथा एनआरएलएम सहित विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, उनकी पात्रता, आवेदन प्रक्रिया तथा मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी मौके पर प्रारंभ की गई।
शिविरों के दौरान ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, राजस्व, पेंशन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं अन्य जनसमस्याओं से संबंधित प्रकरण अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए। नोडल अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अनेक मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया, जबकि शेष मामलों को त्वरित कार्रवाई हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
विकासखंड पौड़ी, कोट, खिर्सू, पाबौ एवं कल्जीखाल में आयोजित शिविरों के दौरान कुल 98 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 86 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई लघु फिल्मों का प्रदर्शन कर ग्रामीणों को योजनाओं के प्रति जागरूक किया गया। इन फिल्मों के माध्यम से सरकार की प्रमुख योजनाओं, उनके उद्देश्यों एवं लाभों की जानकारी सरल और प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाई गई।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनकल्याणकारी शिविर केवल औपचारिकता तक सीमित न रहें, बल्कि इनके माध्यम से आमजन की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग लोगों को योजनाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध कराएं तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की मंशा समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने शिविरों में प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण तथा अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए।




