डिजिटल सुविधाओं के साथ पारंपरिक सेवाओं को मिलेगा नया आयाम: मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल

 

भारत सरकार के मार्गदर्शन में उत्तराखंड का प्रथम जेन-जी डाकघर का विधिवत् शुभारम्भ मुख्य पोस्टमास्टर जनरल उत्तराखण्ड परिमंडल शशि शालिनी कुजूर तथा निदेशक घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कॉलेज डॉ. विजय कुमार बंगा द्वारा किया गया। तहसील पौड़ी के अन्तर्गत घुड़दौड़ी स्थित गोविन्द बल्लभ पन्त इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में स्थापित यह जेन-जी डाकघर तकनीक और नवाचार की नई सोच से परिपूर्ण है। यह जेन-जी डाकघर पारंपरिक डाक सेवाओं को आधुनिक स्पर्श देता है।

 

मुख्य पोस्टमास्टर जनरल शशि शालिनी कुजूर ने कहा कि भारतीय डाक सेवा न केवल देश की सबसे पुरानी संस्थाओं में से एक है, बल्कि आज भी यह जनता की जरूरतों के सबसे निकट और सबसे विश्वसनीय सेवाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जेन-जी पोस्ट ऑफिस भविष्य की पीढ़ी के लिए तैयार एक अभिनव मॉडल है, जिसमें आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं और पारंपरिक डाक संस्कृति का सुंदर समन्वय किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं की सोच, कार्यशैली और उनकी रचनात्मकता को डाक सेवाओं से जोड़ना समय की आवश्यकता है। यह पोस्ट ऑफिस केवल सेवा केंद्र नहीं, बल्कि एक इंटरऐक्टिव प्लेटफॉर्म होगा जहाँ युवा संचार, वित्तीय समावेशन और डिजिटल नवाचार की वास्तविक दक्षताओं को अनुभव कर सकेंगे। उन्होंने इसे डिज़ाइन और सजाने में योगदान देने वाले सभी छात्रों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका यह योगदान डाक विभाग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग के नए द्वार खोलेगा।

 

उन्होंने कहा कि जेन-जी डाकघर में पारंपरिक डाक सेवाओं को आधुनिक स्वरूप देते हुए माई-स्टाम्प काउंटर, पार्सल बुकिंग एवं पैकेजिंग सुविधा, पीपीएफ और आईपीपीबी जैसी वित्तीय सेवाएँ व विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए साप्ताहिक व पाक्षिक परामर्श शिविर जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गयी हैं। यह डाकघर न केवल दस्तावेज़, पार्सल या वित्तीय सेवाओं का केंद्र होगा, बल्कि छात्रों के लिए एक ऐसा स्थान भी बनेगा जहाँ वे संचार, डिजिटल लेनदेन और सरकारी सेवाओं की प्रक्रियाओं को वास्तविक रूप से समझ सकेंगे।

 

निदेशक डॉ. विजय कुमार बंगा ने कहा कि यह जेन-जी पोस्ट ऑफिस केवल एक सुविधा केंद्र नहीं, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसर में स्थापित यह डाकघर युवा इंजीनियरों को नवाचार, प्रबंधन, पारंपरिक रूप से संचार कौशल और सामाजिक उत्तरदायित्व को समझने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि छात्र लक्ष्य ऊँचा रखें और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।

 

अधीक्षक डाकघर दीपक शर्मा ने बताया कि जेन-जी पोस्ट ऑफिस विशेष रूप से छात्रों के लिए कई लाभ प्रदान करेगा। छात्र किसी भी डॉक्यूमेंट की स्पीड पोस्ट पर 10 प्रतिशत की छूट प्राप्त कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त आधार अपडेट/एनरोलमेंट, डिजिटल बचत योजना, ईमेल-सक्षम सेवाएँ, परीक्षा फार्म भेजने, शिक्षण-सामग्री पार्सल पर सुविधा, कैरियर मार्गदर्शन शिविर, और छात्रों के लिए समय-समय पर आयोजित डिजिटल वित्तीय साक्षरता प्रशिक्षण भी उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा यह पोस्ट ऑफिस युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने का एक जीवंत माध्यम बनेगा। यहाँ छात्र न सिर्फ सेवाएँ प्राप्त करेंगे, बल्कि डिजिटल इंडिया की अवधारणा को समझते हुए आधुनिक डाक तंत्र की वास्तविक कार्यप्रणाली का अनुभव भी करेंगे।

 

युवाओं को तकनीक-सक्षम वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से परिसर में फ्री वाई-फाई, कैफेटेरिया, बैठने की व्यवस्थित जगह, त्वरित सेवा सहायता, और छात्र-मैत्री डिजिटल काउंटर स्थापित किए गए हैं, जो इसे अन्य डाकघरों से पूरी तरह अलग पहचान देते हैं।

 

इस जेन-जी पोस्ट ऑफिस की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि इसके सम्पूर्ण आंतरिक व बाहरी स्वरूप को कॉलेज के छात्रों ने स्वयं आधुनिक वाल-पेंटिंग, थीम ग्राफिक्स, प्रतीकात्मक कलाकारी और यूथ-ओरिएंटेड डिज़ाइन के माध्यम से सजाया है। इससे न केवल यह परिसर आकर्षक बन गया है, बल्कि यह विद्यार्थियों की रचनात्मकता, तकनीकी दृष्टिकोण और जेन-जी सोच का जीवंत उदाहरण भी बनकर उभरा है।

 

इस अवसर पर वरिष्ठ प्रबंधक जीबीपीआईईटी दीपक मेहरा, एसओडी सीएस जीबीपीआईईटी प्रीति टम्टा, डाक निरीक्षक रुपेश मलियाल, सुशील राज, अशोक पाठक सहित अनेक अधिकारी एवं छात्र उपस्थित रहे।

 

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