रजत जयंती पर आठ तहसीलों में आंदोलनकारियों को मिला सम्मान

 

उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती के पूर्व अवसर पर जनपद की सभी तहसील मुख्यालयों पर राज्य आंदोलनकारी सम्मान समारोह का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया।

 

समारोह का प्रारंभ शहीद राज्य आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ हुई। तत्पश्चात राज्य आंदोलन में योगदान देने वाले आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

 

जिला/तहसील मुख्यालय पौड़ी में आयोजित समारोह में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी मुख्य अतिथि तथा जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों ने सर्वप्रथम शहीद राज्य आंदोलनकारियों के चित्रों पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

समारोह में उपस्थित राज्य आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य का निर्माण हमारे आंदोलनकारियों के अथक संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। जिन सपनों के लिए उन्होंने आंदोलन किया, उस राज्य को आगे बढ़ते देखना हम सबके लिए गर्व का विषय है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि उनके आदर्शों के अनुरूप एक समृद्ध, आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का निर्माण करें।

 

नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी ने राज्य आंदोलन सम्मान समारोह में कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन हमारे साहसी आंदोलनकारियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का यह सम्मान समारोह उनके प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है, जिनकी बदौलत हमें अपनी अलग पहचान मिली।

 

ब्लॉक प्रमुख पौड़ी अस्मिता नेगी ने कहा कि आज का दिन उन वीर आंदोलनकारियों को याद करने का दिन है जिनकी बदौलत हमें अपना राज्य मिला। इस राज्य की स्थापना का उद्देश्य यही था कि यहाँ की पानी और जवानी यहां के काम आए।

 

जिलाधिकारी ने राज्य आंदोलनकारियों को नमन करते हुए कहा कि रजत जयंती का यह उत्सव उनके त्याग और संघर्ष को समर्पित है। उन्हीं की बदौलत आज यह राज्य अपनी पहचान और प्रगति के पथ पर अग्रसर है। मा. मुख्यमंत्री के निर्देशन में आयोजित यह कार्यक्रम आत्ममंथन का अवसर है कि हमने अब तक क्या हासिल किया और आगे क्या लक्ष्य तय किए जा सकते हैं।

 

उन्होंने कहा कि विकास की दिशा नीचे से ऊपर की ओर होनी चाहिए, जिसमें जनता की भागीदारी और प्रशासन का समन्वय अनिवार्य है। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर हमारा दायित्व है कि आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाएं, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुशासन में अग्रणी हो। जिलाधिकारी ने सभी से आग्रह किया कि मिलकर जिले के सर्वांगीण विकास में अपना सहयोग दें, क्योंकि आंदोलनकारियों का संघर्ष ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है।

 

राज्य आंदोलनकारियों विश्वम्बर दत्त खंकरियाल, सुषमा रावत, बीरा भंडारी, रेवती नंदन डंगवाल, सरिता नेगी, अद्वैत बहुगुणा, महेंद्र असवाल, सावित्री नेगी, प्रेम बल्लभ पंत एवं कुंजिका प्रसाद उनियाल ने अपने संबोधन में राज्य आंदोलन के संघर्ष, बलिदान और जनभावनाओं को भावपूर्ण शब्दों में साझा किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य हमारे त्याग, एकता और अटूट संकल्प की अमर गाथा है। वक्ताओं ने नयी पीढ़ी से आह्वान किया कि वे आंदोलन की भावना को आत्मसात कर राज्य के विकास में सक्रिय योगदान दें।

 

कार्यक्रम में बीआर मॉडर्न विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया तथा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को भावनात्मक रंग दिया।

 

इसके अलावा जनपद की सभी तहसीलों में भी इस अवसर पर धूमधाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 

इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रणजीत सिंह नेगी, नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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